ग्रामीण और शहरी उच्च माध्यमिक छात्रों में भावनात्मक परिपक्वता तथा अभिभावकीय व्यवहार का अपराध संभावना से संबंध: रायपुर जिले का अध्ययन

Authors

  • प्रियंका साहू शोधार्थी, शिक्षा विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय Author
  • डॉ. सिद्धेश्वर मिश्रा प्रोफ़ेसर, शिक्षा विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय Author

Keywords:

पेरेंटिंग शैली, भावनात्मक परिपक्वता, किशोर अपराध, ग्रामीण-शहरी तुलना, रायपुर जिला, छत्तीसगढ़, मेटा-विश्लेषण

Abstract

किशोरावस्था मानव विकास का एक महत्वपूर्ण चरण है जहाँ व्यक्तित्व निर्माण, भावनात्मक परिपक्वता और सामाजिक व्यवहार का विकास होता है। माता-पिता की पेरेंटिंग शैली इस अवधि में किशोरों के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विकास को गहराई से प्रभावित करती है। प्रस्तुत समीक्षा शोध पत्र छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के ग्रामीण और शहरी हायर सेकेंडरी स्कूलों के संदर्भ में किशोरों की पेरेंटिंग शैली, भावनात्मक परिपक्वता और अपराध संभावना के बीच संबंधों का मेटा-विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। इस शोध में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययनों की समीक्षा की गई है जो प्राधिकारिक, अनुमतिपूर्ण, और उपेक्षापूर्ण पेरेंटिंग शैलियों के प्रभावों को रेखांकित करते हैं। विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संदर्भों में भिन्नताएं किशोरों के भावनात्मक और व्यवहारिक विकास को विविध रूप से प्रभावित करती हैं। प्राधिकारिक पेरेंटिंग शैली सकारात्मक भावनात्मक परिपक्वता और कम अपराध प्रवृत्ति से जुड़ी पाई गई है, जबकि उपेक्षापूर्ण शैली किशोरों में असामाजिक व्यवहार और अपराध संभावना को बढ़ाती है। यह अध्ययन शैक्षणिक संस्थानों, परिवार परामर्श केंद्रों और नीति निर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण सिफारिशें प्रदान करता है।

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Published

2025-03-23

How to Cite

ग्रामीण और शहरी उच्च माध्यमिक छात्रों में भावनात्मक परिपक्वता तथा अभिभावकीय व्यवहार का अपराध संभावना से संबंध: रायपुर जिले का अध्ययन. (2025). INTERNATIONAL JOURNAL OF MANAGEMENT RESEARCH AND REVIEW, 15(1), 269-281. https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/323