स्वस्थ जीवन शैली के ललए योग और प्राकृतिक चिककत्सा

Authors

  • परमवीर स िंह रिसर्च स्कॉलि,योग विभाग, एनआईआईएलएम यूवनिवसचटी कै थल हरियाणा Author

Abstract

योग और प्राकृतिक चिककत्सा का एकीकरण स्वास््य के लिए एक व्यापक , समग्र दृष्टिकोण प्रस्िुि
करिा है जो मन , शरीर और आत्मा का पोषण करिा है। योग , शारीररक मुद्राओं, श्वास िकनीकों और
ध्यान के संयोजन के माध्यम से , िनाव, चििं ा और पुरानी स्वास््य ष्स्ितियों को प्रभावी ढंग से
प्रबंचिि करिे हुए शारीररक ििीिेपन , शष्ति और संिुिन को बढािा है। पैरालसम्पेिेटिक िंत्रिका िंि
को सकिय करके , योग ववश्राम को बढावा देिा है, कोटििसोि के स्िर को कम करिा है और समग्र
कल्याण में सुिार करिा है। प्राकृतिक चिककत्सा , शरीर की प्राकृतिक उपिार क्षमिाओं पर ध्यान
कें टद्रि करिे हुए , बीमारी के मूि कारणों को संबोचिि करिी है और आहार समायोजन , व्यवहार में
संशोिन और प्राकृतिक उपिारों के उपयोग के माध्यम से रोकिाम का समििन करिी है। संयुति होने
पर , योग और प्राकृतिक चिककत्सा शारीररक स्वास््य और भावनात्मक ििीिेपन को बढावा देने में
एक दूसरे के पूरक हैं। इन प्रिाओं के एकीकरण से आत्म -जागरूकिा और टदमागीपन बढिा है, ष्जससे
अचिक संिुिन और जीवन की गुणवत्ता में सुिार होिा है। इसके अिावा , योग और प्राकृतिक
चिककत्सा के संयुति चिककत्सीय िाभ मानलसक स्पटििा , भावनात्मक कल्याण और स्िायी कल्याण
का समििन करिे हैं। यह एकीकृि दृष्टिकोण दीर्िकालिक स्वास््य के लिए एक प्रभावी और समग्र
मागि प्रदान करिा है , जो व्यष्तियों को ववलभन्न स्वास््य चििं ाओं को रोकने और संबोचिि करने के
साि -साि शारीररक और मानलसक संिुिन बनाए रखने के लिए उपकरण प्रदान करिा है। कुि
लमिाकर , योग और प्राकृतिक चिककत्सा लमिकर आजीवन कल्याण को बढावा देने के लिए एक
स्िायी , प्राकृतिक ववकल्प प्रस्िुि करिे हैं।

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Published

2024-12-12

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How to Cite

स्वस्थ जीवन शैली के ललए योग और प्राकृतिक चिककत्सा. (2024). INTERNATIONAL JOURNAL OF MANAGEMENT RESEARCH AND REVIEW, 14(10), 36-51. https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/498