Impact of Panchayati Governance in Rural Development: Problems, Prospects and Solutions

Authors

  • Banai Singh Kumhar Research Scholar, University of Technology, Jaipur Author
  • Dr. Amit Kumar Research Supervisor, University of Technology, Jaipur Author

Keywords:

पंचायती राज संस्थान,ग्रामीण विकास,स्थानीय शासन,विकेन्द्रीकरण,समुदाय विकास

Abstract

पेश किया अध्ययन भारत में ग्रामीण विकास में पंचायती राज संस्थानों (PRIs) की भूमिका का विश्लेषण करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य पंचायती राज प्रणाली की प्रभावशीलता,चुनौतियों और संभावनाओं की जांच करना है। मिश्रित अनुसंधान पद्धति का उपयोग करते हुए, 500ग्राम पंचायतों और1000लाभार्थियों से डेटा संग्रहीत किया गया। परिकल्पना यह थी कि पंचायती राज संस्थानों की प्रभावशीलता वित्तीय संसाधनों,क्षमता निर्माण और सामाजिक-वित्तीय कारकों पर निर्भर करती है। परिणाम दर्शाते हैं कि कीमत ने गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों,बुनियादी सुविधाओं के विकास और महिला सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हालांकि,वित्तीय बाधाओं,प्रशासनिक अक्षमताओं और राजनीतिक हस्तक्षेप जैसी चुनौतियां भी विद्यमान हैं। चर्चा से पता चलता है कि उचित नीति सुधार और क्षमता निर्माण के माध्यम से कीमत की प्रभावशीलता बढ़ाई जा सकती है। निष्कर्ष में,यह अध्ययन सुझाता है कि पंचायती राज संस्थानों को मजबूत बनाना भारत के ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत ज़रूरी है।

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Published

2024-09-28

Issue

Section

Articles

How to Cite

Impact of Panchayati Governance in Rural Development: Problems, Prospects and Solutions. (2024). INTERNATIONAL JOURNAL OF MANAGEMENT RESEARCH AND REVIEW, 14(7), 247-257. https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/589