छत्तीसगढ़ में महिला उद्यमिता, सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवर्तन

Authors

  • सुधा प्रधान शोधार्थी, समाजशास्त्र विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, नवापारा (कोसमी), छत्तीसगढ़ Author
  • डॉ. योगमाया उपाध्याय सहायक प्राध्यापक, समाजशास्त्र विभाग, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, नवापारा (कोसमी), छत्तीसगढ़ Author

Keywords:

महिला उद्यमिता, सूक्ष्म उद्यम, सामाजिक सशक्तिकरण, छत्तीसगढ़, स्वयं सहायता समूह, लैंगिक समानता, ग्रामीण विकास

Abstract

छत्तीसगढ़, जो भारत के मध्य में स्थित एक नवगठित राज्य है, वहाँ महिला-नेतृत्व वाले सूक्ष्म उद्यमों की भूमिका सामाजिक एवं आर्थिक रूपांतरण में अत्यंत महत्वपूर्ण हो रही है। प्रस्तुत समीक्षा शोध-पत्र में 30 अध्ययनों का विश्लेषण किया गया है, जो यह दर्शाते हैं कि किस प्रकार सूक्ष्म उद्यमिता महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन, सामाजिक पहचान एवं परिवार एवं समाज में निर्णय-शक्ति प्रदान करती है। स्वयं सहायता समूह (SHG), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (CGRLM) जैसी संरचनाओं के माध्यम से महिलाओं को उद्यमशीलता की ओर प्रेरित किया गया है। इस पत्र में 2000 से 2023 तक के 30 से अधिक अध्ययनों का मेटा-विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। शोध का केंद्रीय तर्क यह है कि महिला-संचालित लघु एवं सूक्ष्म उद्यम केवल आर्थिक साधन नहीं हैं, अपितु वे सामाजिक संरचनाओं, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा पहुँच एवं स्वास्थ्य जागरूकता पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। छत्तीसगढ़ के जनजातीय एवं ग्रामीण संदर्भों में यह प्रभाव और भी व्यापक एवं गहरा देखा गया है। अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया है कि सशक्त महिला उद्यमी न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समुदाय के सामाजिक संकेतकों को बेहतर बनाने में सहायक होती हैं।

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Published

2023-10-30

How to Cite

सुधा प्रधान, & डॉ. योगमाया उपाध्याय. (2023). छत्तीसगढ़ में महिला उद्यमिता, सशक्तिकरण और ग्रामीण परिवर्तन. INTERNATIONAL JOURNAL OF MANAGEMENT RESEARCH AND REVIEW, 13(4), 001-009. https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/731