लैंगिक भेदभाव और युवतियों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का अध्ययन

Authors

  • श्रेया श्रीवास्तव शोधार्थी, समाजशास्त्र विभाग, भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग, छत्तीसगढ़ Author
  • डॉ. भानु प्रताप सिंह प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग, छत्तीसगढ़ Author

Keywords:

लैंगिक असमानता, युवतियां, शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक भागीदारी, ग्रामीण-शहरी अंतर, डेटा विश्लेषण

Abstract

भारत में लैंगिक असमानता एक गहन समस्या है जो युवतियों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास को प्रभावित करती है। यह अनुभवजन्य अध्ययन 12-25 वर्ष की आयु की 2,500 युवतियों को शामिल करते हुए लैंगिक असमानता के बहुआयामी प्रभावों की जांच करता है। डेटा संग्रह तीन महीने की अवधि में भारत के पांच राज्यों (महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, गुजरात) से किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि 63% युवतियों को शिक्षा में असमान अवसर मिलते हैं, 71% को पारिवारिक निर्णय प्रक्रिया में सीमित भूमिका मिलती है, और 58% को आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए बाधाओं का सामना करना पड़ता है। सांख्यिकीय विश्लेषण (χ² परीक्षण, p<0.001) दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में असमानता अधिक तीव्र है। अध्ययन नीति निर्माताओं के लिए लक्षित हस्तक्षेप और संस्थागत सुधार की सिफारिश करता है [1]।

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Published

2025-12-30

How to Cite

श्रेया श्रीवास्तव, & डॉ. भानु प्रताप सिंह. (2025). लैंगिक भेदभाव और युवतियों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का अध्ययन. INTERNATIONAL JOURNAL OF MANAGEMENT RESEARCH AND REVIEW, 15(4), 166-177. https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/733