[1]
निरंकार राम त्रिपाठी and डॉ. सररता खरवाल, “मौलिक अधिकार के रूप में प्राथलमक लिक्षा के प्रति दृष्टिकोण को आकार देने में कानूनी और सामाष्िक कारकों की भूलमका”, ijmrr, vol. 12, no. 1, pp. 1–11, Jan. 2022, Accessed: Sep. 18, 2026. [Online]. Available: https://ijmrr.com/index.php/ijmrr/article/view/395